Thursday, September 23, 2021
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एनालिसिस / कांग्रेस 23 राज्यों में 354 सीटों पर अकेले लड़ने जा रही आम चुनाव

  • CN24NEWS-19/03/2019
    • 2014 में जिन 3 राज्यों में कांग्रेस नंबर-2 पर थी, वहां बराबर सीट चाह रही
    • कांग्रेस ने 7 राज्यों में बड़े क्षेत्रीय दलों से गठबंधन तय किए

    नई दिल्ली. पिछले साल दिसंबर में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जीत के बाद से कांग्रेस फ्रंटफुट पर खेल रही है। 4 महीने पहले तक जिन राज्यों में कांग्रेस गठबंधन के लिए साथी खोज रही थी और नंबर-2 की पार्टी बनने को तैयार थी, अब वहां कांग्रेस सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे में बड़े भाई की हैसियत या बराबरी का रुतबा चाहती है। इससे कम उसे स्वीकार नहीं है। इसके एवज में कांग्रेस अकेले चुनाव में जाने को तैयार है।

  • यूपी के बाद कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में अकेले लड़ने का फैसला किया। महाराष्ट्र में वह एनसीपी के साथ नंबर-1 की हैसियत, बिहार में राजद के साथ बराबरी चाहती है। आंध्र में भी बराबर सीट चाहती है। सिर्फ तमिलनाडु में वह द्रमुक से कम सीटों पर सहमत हुई है। राज्य में 39 सीटें हैं, कांग्रेस 8 और द्रमुक 30 सीटों पर लड़ रही है।कांग्रेस ने 7 राज्यों में बड़े क्षेत्रीय दलों से गठबंधन तय किए : बिहार, जम्मू-कश्मीर, आंध्र में तो 2014 में वह नंबर-2 की हैसियत से लड़ी थी, पर इस बार बराबर सीट चाह रही है। कांग्रेस ने 23 राज्यों में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली है। इनमें से दो-तीन राज्य ही ऐसे हैं, जहां कांग्रेस ने कुछ छोटे दलों के साथ ही गठबंधन किया है, पर वे ऐसे दल हैं, जिनकी राष्ट्रीय पहचान नहीं है। इन 23 राज्यों में 354 सीटें आती हैं। यानी कांग्रेस करीब 65% सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस ने अभी 7 राज्यों में बड़े क्षेत्रीय दलों से गठबंधन किया है।
    राहुल ने रैली से पहले पर्रिकर के लिए रखा मौन :  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कर्नाटक में पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत की। यहां उन्होंने कलबुर्गी में एक रैली को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने मंच से गोवा के दिवंगत सीएम मनोहर पर्रिकर के लिए दो मिनट का मौन रखा। कलबुर्गी से कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे चुनाव लड़ सकते हैं। राहुल बोले- जैसे मोदी ने नोटबंदी करके 500 और 1000 रुपए के नोट को खत्म किया, वैसे ही ये हिंदुस्तान के संविधान को खत्म करना चाहते हैं। हम उनको ऐसा करने नहीं देंगे।

    वे राज्य जहां कांग्रेस अकेली

    राज्य  सीटें
    यूपी 80
    बंगाल 42
    मध्यप्रदेश 29
    राजस्थान 25
    गुजरात 25
    आंध्र प्रदेश 25
    ओडिशा 21
    केरल 20
    तेलंगाना 17
    असम 14
    पंजाब 13
    हरियाणा 10
    दिल्ली 7
    जम्मू-कश्मीर 6
    उत्तराखंड 5
    • नॉर्थ-ईस्ट में 6 में से 5 राज्यों में कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने जा रही है। इनमें 9 सीटें हैं। मेघालय में 2 सीटे हैं, यहां अभी कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के बीच गठबंधन को लेकर ऊहापोह की स्थिति है।
    • कांग्रेस हिमाचल की 4 और गोवा की 2 सीटों पर भी अकेले लड़ने वाली है। सिक्किम की एक सीट पर भी वह अकेले उतर रही है।

    3 राज्य, जहां 130 सीटें हैं

    • महाराष्ट्र:  महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी साथ चुनाव लड़ रही हैं। पर अभी तक सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है। राज्य में 48 सीटें हैं। कांग्रेस 26 सीट खुद रखकर और 22 सीट एनसीपी को देना चाह रही है। 2014 में दोनों पार्टियां इसी फॉर्मूले से राज्य में लड़ी थीं। वहीं, एनसीपी कुछ छोटी पार्टियों को कांग्रेस के कोटे से सीट दिलाने की मांग कर रही है।
    • बंगाल: बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा का कहना है कि पार्टी अपने सम्मान के साथ समझौता नहीं करेगी। लेफ्ट हम पर हुकुम नहीं चला सकता है कि कौन उम्मीदवार होगा और कौन नहीं। हम बंगाल में अकेले लड़ेंगे। वहीं, इसके पीछे बिहार को भी वजह माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में वाममोर्चा 6 सीटें मांग रहा था। बंगाल में 42 सीटें हैं, 2014 में कांग्रेस को राज्य में 4 सीटें और 9.58% वोट मिले थे।
    • बिहार: बिहार में कांग्रेस और राजद नेता सीटों के बंटवारे को लेकर आम राय बनाने की कोशिशों में लगे हुए हैं। राजद गठबंधन में कांग्रेस को सिर्फ 8 सीटें देने के पक्ष में है। जबकि कांग्रेस 20 सीटें मांग रही है। खुद लालू यादव ने कांग्रेस आलाकमान को एक संदेश भेजकर गठबंधन के लिए राजी करने की कोशिश की है। गठबंधन में रालोसपा भी शामिल है। वो भी 3 से 4 सीटें मांग रही हैं। बिहार में 40 सीटे हैं। 2014 में कांग्रेस को 2 सीटें और 8.4% वोट मिले थे।
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