ठाकरे हत्याकांड / पार्टी के नेता ने ही कराई थी भाजपा मंडल अध्यक्ष की हत्या; 5 लाख की सुपारी दी थी

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  • CN24NEWS-31/01/2019
    • बलवाड़ी में 20 जनवरी को ठाकरे की मॉर्निंग वॉक के दौरान अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी थी
    • ठाकरे के पार्टी में बढ़ते प्रभाव के चलते भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ने रची थी साजिश

    बड़वानी. मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के बलवाड़ी में भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज ठाकरे हत्याकांड का खुलासा गुरुवार को पुलिस ने कर दिया। ठाकरे की हत्या भाजपा के वरिष्ठ नेता ताराचंद राठौड़ ने पांच लाख रुपए की सुपारी देकर करवाई थी। हत्याकांड के पीछे की वजह मनोज ठाकरे का बढ़ता प्रभाव सामने आया है। मनोज की वजह से ताराचंद का प्रभाव कम हो रहा था। इसीलिए ताराचंद ने बिस्टान निवासी अनिल को सुपारी देकर मनोज को रास्ते से हटावाया था। पुलिस ने हत्या के आरोप में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन फरार हैं।

  • बड़वानी के ग्राम बलवाड़ी में 20 जनवरी को भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज ठाकरे की मॉर्निंग वॉक के दौरान अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी थी। हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी यांगचेन डी भूटिया ने बताया कि हत्याकांड को 10 लोगों ने मिलकर अंजाम दिया था। मुख्य आरोपियों में भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ताराचंद राठौर, उनका बेटा और ग्राम पंचायत खोखरी का पंचायत सचिव विजय सिंह राठौर, झगड़िया, नानू, अनिल, कालू, दिलीप शामिल हैं। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि देवलिया, रेमू और जीतू आरोपी अभी फरार है।एक महीने पहले हत्या की बना लिया था प्लान : एसपी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मनोज ठाकरे पिछले 10 साल ने बलवाड़ी भाजपा मंडल अध्यक्ष था। उसकी लोकप्रियता ताराचंद राठौड़ को खटकने लगी थी। ताराचंद ने अपने बेटे विजय राठौड़ के साथ मिलकर एक महीने पहले मनोज को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया था। उन्होंने 29 दिसंबर 2018 को अपने परिचित झगड़िया पिता पुरमीया पावरा निवासी मेलाणे चापड़ा को अपने गांव धवली बुलाया।

    तीनों की बीच बातचीत के बाद झगरिया ने मोमदिया माहरेल निवासी अनिल डाबर और जीतू डाबर को यहां बुला लिया। इसके बाद सभी नानू बंजारा के घर पहुंचे और मनोज की हत्या की प्लानिंग की। इसके एवज में ताराचंद ने पांच लाख रुपए देने की बात कही। सौदा तय होने के बाद 14 जनवरी को फिर से अनिल और जीतू, नानू के घर पहुंचे और ताराचंद से मुलाकात के बाद पार्टी की। इसी दौरान ताराचंद का बेटा विजय यहां पहुंचा और कहा कि पापा ने जो काम बताया है, उसे जल्दी करना है। तुम्हें रुपए मिल जाएंगे।

    19 जनवरी को प्लान अनुसार अनिल अपने साथी दिलीप पिता हमरा निवासी खरगोन, देवलिया, रेमू, रवि निवासी बोरपड़ावा को धवली लेकर पहुंचा। यहां झगड़िया, कालू पिता गाडा निवी धावड़ा पहले से ही मौजूद थे। इसके बाद हत्या को लेकर चर्चा हुई और शाम को ताराचंद ने उन्हें पांच लाख रुपए दे दिए। रात में पार्टी करने के बाद वे जामटी से बलवाड़ी के लिए निकल गए।

    रविवार अलसुबह करीब 4 बजे बस स्टैंड पर झगड़िया, नानू और अनिल भाजपा नेता मनोज ठाकरे का इंतजार करने लगे। मनोज के आते ही झगड़िया और नानू से अनिल की ओर इशारा किया। इसके बाद तीनों वहीं छिप गए। थोड़ी दूर पर छिपे दिलीप, कालू, रेमू, रवि ओर देवलिया को कालू ने मनोज की पहचान करवाई। इसके बाद सड़क के एक ओर देवलिया, रेमू, दिलीप और दूसरी ओर कालू, रवि उसका पीछा करने लगे।

    जैसे ही मनोज टाकियापानी तिराहे से मुड़ा पेड़ के पीछे छिपे अनिल ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। मनोज बचकर भागता है, लेकिन झगड़िया, नानू, कालू, देवलिया, रवि, दिलीप और रेमू उसे दबोच लेते हैं। इसके बाद अनिल उस पर कुल्हाड़ी से कई वार करता है। इसके बाद सभी आरोपी मनोज को घसीटकर दूर ले जाते हैं और पत्थर से उसका सिर कुचलकर भाग जाते हैं।वारदात को अंजाम देने के लिए अनिल को एक लाख रुपए, जबकि रवि और कालू को 75-75 हजार रुपए, वहीं दिलीप, रेमू, धवलिया, नानू, और झगड़िया को 50-50 हजार रुपए मिले थे। बुधवार को झगड़िया का ताराचंद के बेटे द्वारा और रुपए देने की बात पर अनिल, कालू, नानू और रवि में विवाद हो गया। मुखबीर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर इन्हें दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल लिया। पुलिस ने झगड़िया के पास से बाइक, कपड़े और 25 हजार रुपए, जबकि अनिल के पास से बाइक, अनिल के खून से सने कपड़े, कुल्हाड़ी और 51 हजार रुपए बरामद किए हैं।

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