नोटबंदी ने छीनीं नौकरियां, 45 साल में देश ने नहीं देखी ऐसी बेरोजगारी

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  • CN24NEWS-31/01/2019
  • वैसे तो नोटबंदी को मोदी सरकार ब्‍लैकमनी के खिलाफ बड़ा फैसला बताती रही है लेकिन इस फैसले की वजह से बेरोजगारी में जबरदस्‍त बढ़ोतरी हुई है.  नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (NSSO) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में बेरोजगारी की दर 6.1 फीसदी है. यह आंकड़ा 45 सालों के उच्‍चतम स्‍तर पर है. इससे पहले  1972-73 में देश में बेरोजगारी की दर 6 फीसदी से ज्‍यादा थी. अहम बात ये है कि आंकड़े नोटबंदी के बाद के हैं.

     
    शहरी क्षेत्र में सबसे ज्‍यादा बेरोजगार

    रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरी क्षेत्र में सबसे ज्‍यादा बेरोजगारी है. आंकड़ों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी की दर 7.8 फीसदी है जबकि ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 5.3 फीसदी है. वहीं, 2017-18 में युवाओं की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षित महिलाओं की बेरोजगारी दर बढ़कर 17.3 फीसदी रही है. इससे पहले 2004-05  से 2011-12 के बीच ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं की बेरोजगारी दर 9.7 फीसदी से 15.2 फीसदी के बीच थी.  वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित पुरुषों की बेरोजगारी दर का आंकड़ा 10.5 फीसदी पर है. बता दें कि 2004-05 से 2011-12 के बीच यह आंकड़ा 3.5 से 4.4 फीसदी के बीच था.

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