Sunday, September 19, 2021
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‘वे रात भर जागते हैं तो हम चैन की नींद सोते हैं, कोई खौफ नहीं है…परिंदा तक पर नहीं मार सकता’

  • CN24NEWS-19/03/2019
  • वे रात भर जागते हैं, तब हम चैन की नींद सोते हैं। हमें कोई खौफ नहीं है, सुरक्षा का घेरा इतना मजबूत है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। यह कहना है उन देशवासियों का, जो पंजाब में बॉर्डर से सटे गांवों में रहते हैं। उन्होंने अपनी सेना इतना नाज है कि तारीफ करते नहीं थकते। डेरा बाबा नानक से तीन किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान है।

    दोनों देशों के बीच उठे तनाव के बावजूद इस सीमा से सटे गांवों के लोगों में खौफ नहीं है। जीरो लाइन के बिल्कुल निकट बसे इन गांवों के लोग इसलिए बेफिक्र हैं, क्योंकि सीमा पर भारतीय सीमा सुरक्षा बल व सेना का मजबूत सुरक्षा घेरा है, जहां से परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। यही वजह है कि ग्रामीण कहते हैं वो रात भर सीमा पर पर सख्त पहरा देते हैं, इसलिए हम चैन की नींद सोते हैं।

  • डेरा बाबा नानक से कुछ ही दूरी पर स्थित गांव धर्मकोट रंधावा की आबादी 2600 है। यह गांव इतना आबाद है कि आसपास के 12 गांवों के लोग यहां खरीदारी करने आते हैं। गांव के सरपंच मोहिंदर सिंह का कहना है कि पुलवामा हमले से बेशक पूरा देश खौफ में हो, लेकिन हमारे दिलों में डर नहीं है। हमारे यहां पर बीएसएफ से लेकर सेना के जवान पूरी मुस्तैदी से निकलते हैं।गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मास्टर तरसेम सिंह कहते हैं कि भारतीय सीमा पर सख्त पहरा है, फिर हमें किस बात का डर है। सीमा से सटे गांव रत्तड़ छत्तड़ के दिलेर सिंह का कहना है कि थ्री लेयर सिक्योरिटी कवच है, पहले सीमा पर सेना है, फिर बीएसएफ और बाद में पंजाब पुलिस। रात भर गश्त व पेट्रोलिंग चलती रहती है।गांव धनिया बेट के किसान सर्बजीत और विक्रमजीत सिंह की जमीन कंटीले तार से पार है। काफी जमीन गांव में है, लेकिन वे बिना किसी डर के अपना रोजमर्रा का काम करते हैं। सीमा के बिल्कुल पास बसे अन्य गांव गुरचक्क की सरपंच अमनदीप कौर के पति गुरमुख सिंह का कहना है कि सीमा सुरक्षा बल की तरफ से गांव के आसपास पक्के मार्ग तैयार किए हुए हैं। रावी दरिया में पानी बढ़ जाए तो हमारे दिलों की धड़कन जरूर बढ़ जाती है लेकिन पाकिस्तान से कोई खौफ नहीं है।
  • गांववासी कुनन सिंह का कहना है कि हमने तो दो जंग देखी हैं, लेकिन कोई डर नहीं है। कुनन सिंह पहले बीएसएफ में थे, फिर वह पीएपी में चले गए। रिटायर होने के 14 साल बाद भी उनमें पूरा जोश है। कुनन सिंह कहते हैं कि सीमा पर पहरा सख्त है। देश में भय का जो माहौल बना हो, युद्ध की स्थिति हो हमें कोई फर्क नहीं। हमारे जवान रात भर नहीं सोते, मजाल है कोई परिंदा भी पर मार जाए।पहले भारत पाक सीमा का बंटवारा रावी दरिया के साथ हुआ था, दरिया के उस पार पाकिस्तान था और इस तरफ हिंदुस्तान, लेकिन 1961 में दोबारा हदबंदी हुई तो हमारे काफी लोगों की जमीन रावी दरिया के उस तरफ निकल आई। हमारे किसान अब भी रावी दरिया के ढोल वाला पुल को क्रास करके खेती करने जाते हैं। हमें पाकिस्तान से खतरा नहीं, खतरा तो सिर्फ रावी के पानी से हैं। उसका जलस्तर बढ़ जाए तो हम जरूर रुक जाते हैं।
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