राजकोट, 30 नवम्बर: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में गुजरात सरकार द्वारा आगामी 8 से 9 जनवरी 2026 के दौरान राजकोट में सौराष्ट्र–कच्छ क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) का आयोजन किया जा रहा है।
इस कॉन्फ्रेंस के साथ ही 8 से 11 जनवरी, 2026 तक वाइब्रेंट गुजरात रीजनल एक्ज़िबिशन (VGRE) भी आयोजित होगी जो पूरे कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के उद्योगों, MSMEs, सरकारी संस्थाओं एवं उभरते उद्यमियों को अपने उत्पाद, नवाचार और क्षमताओं को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।
वाइब्रेंट गुजरात के माध्यम से अनेक स्वदेशी कंपनियाँ आज ‘राइजिंग स्टार’ के रूप में उभरकर सामने आई हैं। ऑटो उद्योग में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका राजकोट अब एयरोस्पेस और स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। इसी श्रृंखला में श्रीराम एयरोस्पेस एंड डिफेंस आने वाले समय में एयरोस्पेस सेक्टर में अत्यधिक संभावनाओं के साथ नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्पों को श्रीराम एयरोस्पेस एंड डिफेंस LLP ने व्यवहार में उतारते हुए स्थानीय क्षमता को वर्ल्ड-क्लास औद्योगिक उत्कृष्टता में बदलने का सफल प्रयास किया है। वाइब्रेंट गुजरात के माध्यम से सौराष्ट्र अब ‘इनोवेशन-ड्रिवन इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ के रूप में विकसित होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री संदीप वल्लभभाई सताणी बताते हैं कि उन्होंने अपनी कंपनी की शुरुआत वर्ष 2017 में की। वे कहते हैं, “हमें श्रीराम एयरोस्पेस के माध्यम से न्यू इंडिया की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को साकार करने का अवसर मिला है। मेरे पिता श्री वल्लभभाई सताणी के मार्गदर्शन में इंजीनियरिंग विशेषज्ञता की मजबूत नींव पर स्थापित यह कंपनी आज देश की चुनिंदा अग्रणी संस्थाओं में शामिल हो चुकी है।”

श्री सताणी बताते हैं कि अत्याधुनिक मशीनरी और 24×7 पावर-बैक्ड असेंबली सुविधाओं के साथ कंपनी ने गुजरात में सबसे आधुनिक और सक्षम प्रिसीजन इंजीनियरिंग इकोसिस्टम विकसित किया है। इसी कारण आज कंपनी एयरबस, बोइंग, रोल्स-रॉयस, डसॉल्ट एविएशन, इसरो, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड जैसी वैश्विक एयरोस्पेस कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण एयरोस्पेस पार्ट्स की सप्लाई करने में सक्षम है।
वे आगे बताते हैं कि तकनीकी टीम के सहयोग से कंपनी ने अल्ट्रा-प्रीसिजन मशीनिंग, जटिल एयरोस्पेस टूलिंग, हाई-स्ट्रेंथ अलॉय और क्रिटिकल असेंबली जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में विशेष दक्षता प्राप्त की है। साथ ही, SAC-ISRO के लिए भारत का पहला 6 माइक्रोन RMS युक्त टेराहर्ट्ज़ एंटेना और नेविगेशन एंटेना भी विकसित किया गया है। कंपनी 8-मीटर विंग फिक्चर्स, INVAR कॉम्पोजिट लेअप टूल्स, एयरो-इंजन पार्ट्स हेतु स्ट्रेच-फॉर्मिंग डाईज़, रिफ्लेक्टर पैनल्स सहित लगभग 3000 से अधिक एयरोस्पेस टूल्स की आपूर्ति कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, TATA-Airbus C295 विमान हेतु 11.5 मीटर लंबे, 25 टन वजनी और 15,000+ हिस्सों से निर्मित लेफ्ट और राइट विंग बॉक्स असेंबली जिग्स की सफल डिलीवरी भी कंपनी द्वारा सम्पन्न की गई है जो तकनीकी क्षमता और औद्योगिक उत्कृष्टता का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए श्री संदीप सताणी ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी अक्सर कहते हैं कि हर संकट अपने साथ एक नया अवसर लेकर आता है और इसी सोच ने हमें निरंतर नवाचार के लिए प्रेरित किया। इसी दृष्टि से कंपनी ने अल्ट्रा-प्रिसीजन मल्टी-एक्सिस मशीनिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर सिद्ध AS9100D प्रमाणित क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम, एकीकृत फेब्रिकेशन–असेंबली–इंस्पेक्शन इकोसिस्टम तथा वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से प्रशिक्षित उच्च कौशल युक्त कार्यबल, इन सभी ने श्रीराम एयरोस्पेस को विश्वस्तरीय क्षमताओं से सुसज्जित किया है।
उन्होंने आगे कहा कि श्रीराम एयरोस्पेस वास्तव में नए भारत की उस तकनीकी आकांक्षा का प्रतीक है, जिसका स्वप्न प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रभाई मोदी ने देखा है। आज राजकोट की धरती इंजीनियरिंग नवाचार का केंद्र बनकर उभर रही है और गुजरात भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्रांति की अगुवाई कर रहा है। राजकोट यह प्रमाणित कर रहा है कि स्थानीय प्रतिभा की क्षमता, उद्यमियों की दूरदर्शिता और अत्याधुनिक तकनीक का मेल भारत को वैश्विक मंच पर नई शक्ति और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाने में सक्षम है।

